आशा/एएनएम के लिए घर-घर स्वास्थ्य सर्वे, स्क्रीनिंग, ऑफलाइन सेव व सिंक वाला सरकारी ऐप
आशा/एएनएम के लिए घर-घर स्वास्थ्य सर्वे, स्क्रीनिंग, ऑफलाइन सेव व सिंक वाला सरकारी ऐप
वोट (4 वोट)
प्रोग्राम लाइसेंस Free
डेवलपर DoITC GoR
संस्करण asha-2.2.8
के तहत काम करता है Android
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डेवलपर
DoITC GoR
के तहत काम करता है
Android
प्रोग्राम लाइसेंस
Free
संस्करण
asha-2.2.8
ASHA Digital Health एक सरकारी उपयोग के लिए बनाया गया मोबाइल ऐप है, जिसका लक्ष्य आशा कार्यकर्ताओं द्वारा परिवार और व्यक्ति स्तर पर सामाजिक व स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को डिजिटल रूप से एकत्र करना है। यह कम्यूनिटी हेल्थ इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म (CHIP) के तहत D2D सर्वे की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि फील्ड से जुटाए गए डेटा के आधार पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का समन्वय और संसाधनों का बेहतर आवंटन किया जा सके।
यह ऐप सिर्फ अधिकृत सरकारी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए है, जैसे आशा, एएनएम और एमओआईसी। सामान्य उपयोगकर्ताओं के लिए यह उपयोगी नहीं है।
फील्ड सर्वे और स्क्रीनिंग पर केंद्रित डिजाइन
ऐप का मुख्य काम घर-घर सर्वे और स्वास्थ्य स्क्रीनिंग से जुड़ी गतिविधियों को डिजिटल रूप देना है। इसमें मौसमी बीमारियों और ILI जैसे लक्षणों के लिए सर्वे, पल्सऑक्सीमीटर और थर्मल स्कैनर के जरिए संभावित मामलों की स्क्रीनिंग, परिवार और जनसांख्यिकीय जानकारी, घरेलू विशेषताओं का डेटा, एनसीडी व पुरानी बीमारियों से संबंधित विवरण, गर्भावस्था स्थिति जैसी सूचनाओं का संग्रह शामिल है। परिवार स्तर पर लार्वा सर्वे और दवा वितरण या उपचार से जुड़ी जानकारी दर्ज करने जैसी जरूरतों का भी इसमें समर्थन दिखता है।
पहचान, लिंकिंग और खोज की सुविधाएं
मैदान में काम करते समय सही परिवार या व्यक्ति तक जल्दी पहुंचना अहम होता है। ऐप नेटवर्क कनेक्टिविटी के साथ जनआधार लिंकिंग के जरिए परिवारों को जोड़ने, और जनआधार से लिंक न होने की स्थिति में बिना जनआधार खोजकर जोड़ने की सुविधा देता है। इसके अलावा, नेटवर्क न होने पर आधार कार्ड के QR कोड से एम्बेडेड व्यक्तिगत जानकारी को ऑटो-फिल करने का विकल्प भी दिया गया है, जो फॉर्म भरने के काम को व्यावहारिक बना सकता है।
ऑफलाइन डेटा और बाद में सिंक
फील्ड में नेटवर्क हर जगह स्थिर नहीं होता। ऐप में डेटा को ऑफलाइन सेव करने और नेटवर्क मिलने पर सिंक करने की व्यवस्था है। ऐसे वर्कफ्लो में यह सुविधा उपयोगी रहती है, क्योंकि सर्वे कार्य कनेक्टिविटी के कारण रुकता नहीं।
समन्वय, रेफरल और स्वास्थ्य शिक्षा
यह ऐप केवल डेटा इकट्ठा करने तक सीमित नहीं है। पहचाने गए उच्च जोखिम वाले मामलों को चिकित्सकीय अधिकारियों तक रेफर करने, संबंधित एएनएम और चिकित्सकीय अधिकारियों के साथ डेटा साझा करने, और स्वास्थ्य जागरूकता के लिए लाभार्थियों को शैक्षिक वीडियो दिखाने जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। साथ ही, GPS का उपयोग बैकग्राउंड में लिया जाता है, जो फील्ड गतिविधियों के रिकॉर्ड में सहायक हो सकता है।
सरकारी स्वीकृति और होस्टिंग, भरोसे का आधार
ऐप राजस्थान सरकार द्वारा स्वीकृत है और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन प्लान के इनोवेशन मद के अंतर्गत अनुमोदन का उल्लेख मिलता है। इसके शुरुआती संस्करण का उपयोग राजस्थान में 50,000 से अधिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा महामारी के दौरान 1.4 करोड़ लाभार्थियों की स्क्रीनिंग के लिए किया गया था। इसे एक तकनीकी सहयोगी संस्था (खुशी बेबी) द्वारा विकसित किया गया है और राजस्थान स्टेट डेटा सेंटर (RSDC) पर सुरक्षित रूप से होस्ट किए जाने की बात कही गई है। साथ ही, डेटा संग्रह से पहले सूचित सहमति लेने का उल्लेख भी है, जो ऐसे सिस्टम में अपेक्षित मानक है।
लॉगिन अनुभव में व्यावहारिक समस्या
ऐप का दायरा जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही जरूरी बेसिक एक्सेस का भरोसेमंद होना भी है। उपयोग अनुभव में एक बड़ी शिकायत OTP न मिलने को लेकर सामने आती है, खासकर पासवर्ड भूलने या लॉगिन रिकवरी के समय। इस तरह की रुकावट फील्ड काम में सीधे देरी बढ़ा सकती है और उपयोगकर्ता के लिए ऐप को “समय की बर्बादी” जैसा बना देती है।
फायदे
- आशा/एएनएम/एमओआईसी के फील्ड कार्य के अनुरूप, परिवार और व्यक्ति स्तर पर विस्तृत डेटा संग्रह का सपोर्ट
- ऑफलाइन सेव और नेटवर्क मिलने पर सिंक की सुविधा
- जनआधार लिंकिंग, बिना जनआधार जोड़ने की व्यवस्था, और आधार QR से ऑटो-फिल विकल्प
- उच्च जोखिम मामलों का रेफरल, डेटा शेयरिंग, और स्वास्थ्य शिक्षा वीडियो दिखाने जैसी सपोर्टिव सुविधाएं
- राजस्थान सरकार की स्वीकृति, और राज्य डेटा सेंटर पर होस्टिंग का उल्लेख
कमियां
- OTP न मिलने की समस्या, विशेषकर पासवर्ड रिकवरी या लॉगिन से जुड़े समय पर
- लॉगिन संबंधी अड़चन के कारण उपयोग का अनुभव बाधित होने की शिकायत